नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें

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नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें -How to care for newborn baby

मां बनना हर औरत के लिए बहुत ही सुनहरा समय होता है लेकिन खुशी के साथ चिंता भी होती है कि नवजात शिशु की देखभाल कैसे कि जाए दूसरी बार मां बनी महिलाओ के लिए तो ये आसान होता है लेकिन नई बनी मां के लिए ये समय थोड़ा मुश्किल होता है उन्हें समझ नहीं आता है कि नवजात शिशु को कैसे संभाले तो आइए जाने की नवजात शिशु को कैसे संभालते है|

नई बनी मां को समझ नहीं आता कि बच्चे को कितनी बार और कितनी देर में दूध पिलाना चाहिए नवजात शिशु को दूध पिलाने के लिए शुरू में किसी नर्स या किसी महिला की मदद लेनी चाहिए और हर दो या तीन घंटे में शिशु को दूध पिलाना चाहिए और हर बार दूध पिलाने के बाद शिशु को थपकी जरुर दिलानी चाहिए जिससे शिशु को दूध हजम करने में आसानी हो और दूध पिलाते समय इस बात का ध्यान जरुर रखना चाहिए कि शिशु कि नाक ना दबे इससे उसे सांस लेने में परेशानी हो सकती है|
और छ माह तक बच्चे को मां के दूध के अलावा कुछ नहीं देना चाहिए पानी भी नहीं हा अगर मां का दूध पूरा ना पड़े तब फॉर्मूला मिल्क दे सकते है छ माह तक बच्चो को शहद , ग्राईप वॉटर ,घुट्टी या कोई भी चीज नहीं देनी चाहिए|

नवजात शिशु की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है इसलिए उन्हें ज्यादा भीड़भाड़ में नहीं ले जाना चाहिए और कोशिश करे कि जो भी बच्चे को छुए सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर के ही छुए बच्चो को बहुत जल्दी इंफेक्शन होने का खतरा रहता है

हमारे समाज में यह प्रथा है की बच्चो को काजल लगाने से नजर नहीं लगती लेकिन बच्चो को काजल नहीं लगना चाहिए बच्चो कि आंखे बहुत ही नाजुक होती है|

नवजात शिशु को जब तक नहीं नहलाना चाहिए जब तक गर्भनाल गिर ना जाए जब तक गर्भनाल नहीं गिरता है तब तक उसके पकने का खतरा रहता है|

 

आप गर्भनाल गिरने के बाद भी सप्ताह में तीन या चार बार ही नहलाना चाहिए बच्चो को जल्दी जुकाम होने का डर रहता है

प्रसव के बाद नवजात के बेहतर देखभाल की जरूरत बढ़ जाती है। संस्थागत प्रसव के मामलों में शुरुआती दो दिनों तक मां और नवजात का ख्याल अस्पताल में रखा जाता है। लेकिन गृह प्रसव के मामलों में पहले दिन से ही नवजात को बेहतर देखभाल की जरूरत होती है। शिशु जन्म के शुरुआती 42 दिन अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान उचित देखभाल के अभाव में शिशु के मृत्यु की संभावना अधिक होती है। इसको ध्यान में रखते हुए होम बेस्ड न्यू बॉर्न केयर एचबीएनसी यानि गृह आधारित नवजात देखभाल कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के तहत संस्थागत प्रसव एवं गृह प्रसव दोनों स्थितियों में आशा घर जाकर 42 दिनों तक नवजात की खास देखभाल करती है।

Anjali

मेरा नाम अंजली पाल है, मैंने डीयू (दिल्ली विश्वविद्यालय) से स्नातक किया है, मैं दिल्ली से हूं। मेरा मनना है – “जानकारी जितनी हो भी कम हो, कम ही रहती है”

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