पीरियड्स क्या है Periods kya hai

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हर लड़की में दो अंडाशय होते है (Every girl has two ovaries) जब लड़की दस से पंद्रह साल की होती है तब उसके अंडाशय से एक अंडा परिपक्व हो कर ट्यूब्स में जाता है जो यूट्रस से जुड़ी होती है यह अंडा गर्भाशय (Uterus) में पहुंच जाता है तरल पदार्थ और अस्त्तर से खून के रूप में योनि से बाहर आ जाता है जो पीरियड्स (Periods), माहवारी (Menstruation) ,मसिकधरम रजोवृती भी कहलाता है

पीरियड्स (Periods) ज्यदातर दो से पांच दिन तक रहता है किसी किसी को सात दिन भी रहता है इसलिए पीरियड की नॉर्मल अवधि दो से सात दिन मानी जाती है (Normal period of period two to seven days)

पीरियड्स (Periods) आने से पहले किसी किसी को पेट के निचले हिस्से पर ऐठन या हल्का चुभन भरा दर्द भी हो सकता है किसी किसी को पीरियड्स (Periods) आने से पहले पैरो और पीठ में भी दर्द होता है दर्द से राहत पाने के लिए गर्म पानी की थैली से सिकाई भी कर सकते है (Heated water bag can also bake)  गर्म पानी से ही नहाए और गर्म पानी ही पीना चाहिए थोड़ा योगा करने से भी राहत मिलती है सुबह को सैर पर भी जाना चाहिए और हरी सब्जियां और सलाद भी खाने में जरूर शामिल करे

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यदि दर्द दो से तीन दिन में भी ना ठीक हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए
पीरियड्स (Periods) में अक्सर साफ सफाई के अभाव में कुछ इंफेक्शन हो जाता है यदि पीरियड सात दिन से ज्यादा रहते है या खून का बाहव ज्यादा हो या खून के थक्के आए तो ये किसी बीमारी के संकेत हो सकते है इन्हे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

जैसे पीरियड्स (Periods) आने का समय होता है उसी प्रकार उसके जाने का भी समय हो है जब पीरियड्स (Periods) बिल्कुल ही खत्म हो जाते है जिसे मिनोपोज कहते है मिनॉपोज हर महिला में चालीस से पैंतालीस साल में हो जाता है

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Anjali

मेरा नाम अंजली पाल है, मैंने डीयू (दिल्ली विश्वविद्यालय) से स्नातक किया है, मैं दिल्ली से हूं। मेरा मनना है – “जानकारी जितनी हो भी कम हो, कम ही रहती है”

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