दूध से एलर्जी और लेक्टोंस टोलरेंस मैं अंतर है.

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कैल्शियम का एक बड़ा स्रोत है
दूध को कैल्शियम का एक उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है। हर दिन एक कप दूध पीने से शरीर की कुल कैल्शियम की आवश्यकता का 30 प्रतिशत प्राप्त होता है। हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ कैल्शियम दिल और तंत्रिका तंत्र को बनाए रखने में भी सहायक है। एक कप सोया मिल्क से 45 प्रतिशत कैल्शियम मिलता है। यदि आपको गाय या भैंस के दूध से एलर्जी है, तो सोया दूध को आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

दूध से एलर्जी और दूध का हजम ना होना दोनों अलग अलग चीज है दूसरे एलर्जी होने पर दूध में मौजूद प्रोटीन के प्रत शरीर में विपरीत प्रतिक्रिया करता है जबकि लेक्टोज टोलरेंस दूध नहीं पचने का कारण दूध में मौजूद शक्कर होती है दूध से एलर्जी, दूध नहीं पचने से ज्यादा नुकसान हो सकती है कैल्शियम की पूर्ति के लिए आप बादाम, खसखस, दाल, अंजीर, चौलाई या राजगीरा का साग दे सकते है

बुढ़ापे में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचने के लिए कैल्शियम की भी आवश्यकता होती है। कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए शरीर को विटामिन डी की आवश्यकता होती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यदि शरीर में विटामिन डी की कमी है, तो कैल्शियम लेने के बावजूद संरचना की संभावना है। विटामिन डी के बिना कैल्शियम फ्रैक्चर को रोकने में मदद करने में सक्षम नहीं है। वयस्कों को शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम के संतुलन को बनाए रखने के लिए हर दिन दो से तीन गिलास दूध पीना चाहिए।

Anjali

मेरा नाम अंजली पाल है, मैंने डीयू (दिल्ली विश्वविद्यालय) से स्नातक किया है, मैं दिल्ली से हूं। मेरा मनना है – “जानकारी जितनी हो भी कम हो, कम ही रहती है”

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